मुफ्त में सपीड़ की दिवानी





Speed ki Diwani
 मुझे जानकर हर्ष हो रहा है कि भारत जैसे देश में भी दुनिया दिवानी हुई जा रही है वह भी टेक्नालाॅजी की सपीड़ की। और हो भी तो क्यों न, आखिर दुनिया में दुसरी सबसे बडी आबादी का देश जो है भारत। आजकल मैं जब भी सुबह, दोपहर व शाम शहर की सड़कों पर निकलता हूं तो देखता हूं कि किस तरह लोग रिलांयस की जियो सिम को लेने के लिए लाइन में खडे़ हैं।  5 सित्मबर 2016को रिलांयस ने जियो सिम का वैलकम आॅफर लांच किया है ।
          जरा एक नजर इसकी उपयोगिता पर --
                 इस सिम में एप के जरिए आप 300 टी वी चैनल देख सकते है।
                  इस सिम की मदद से आप 6000 फिल्में देख सकतें हैं वो भी बिल्कुल free.
                    इस सिम की मौजुदगी से आप 10 मिलियन गाने सुन सकते हैं।
                       और यह सिम आपको अच्छी सपीड़ के साथ दिसंबर तक free में इंटरनेट तो उपलब्ध करवा ही रही है।और थोड़ा सा पिछे झांकते है तो हम देखते हैं कि सबके हाथ में मोबाइल पकड़वाने का श्रेय भी रिलांयस मोबाइल को ही जाता है। एक जुलाई 2003 में रिलांयस मोबाइल नें 501 ₹ में मोबाइल व कनैक्शन देकर मानसून हंगामा के नाम पर हंगामा खड़ा कर दिया था। लेकिन आज इस तरह लोगों की दिवानगी देखकर तो कभी-कभी मुझे डर लगने लगता है कि इंटरनेट व मोबाइल की यह दिवानगी हमारे किशोरों को किस तरफ लेकर जा सकती है। क्या ये उनकों किड़नी बेचने, चोरी करने या कोई और घृणित कार्य करने पर मजबूर कर सकती है ?

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