All characters of this film/serial
सावधान इस फिल्म के सभी पात्र व घटनाएं काल्पनिक है इसका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है आजकल सभी फिल्मों नाटकों के शुरुआत में इस प्रकार के स्लोगन दिखाई देते हैं। लेकिन दर्शक इस बात को नजरअंदाज करते हुए इन फिल्मों व नाटकों से अपनी वास्तविक जिंदगी को बिगाड़ लेते हैं । दरअसल मैं हैदराबाद की एक घटना के बारे में बात करना चाहता हूं इस घटना में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को मौत के घाट उतार दिया । और अपने प्रेमी का चेहरा तेजाब से जला दिया ताकि लोग उसको ही उसका पति समझे । न केवल तेजाब से उसका चेहरा जलाया बल्कि प्लास्टिक सर्जरी से उसका चेहरा ठीक करवाने की कोशिश भी की लेकिन आधार कार्ड के फिंगर प्रिंट से सारा मामला शक के दायरे में आ गया जिससे उस व्यक्ति की मां ने पहचान लिया तब महिला ने कहा कि वह तेलुगु फिल्म "येवाडु"को देखकर सारी साजिश रची थी ऐसी ही एक घटना आज कल नोएडा में देखने को मिलती है जिसमें एक लड़का अपनी मां व बहन की क्रिकेट के बैट से हत्या कर देता है और ना जाने कितनी घटनाएं ऐसे ही Crime Patrol व फिल्मों से संबंधित वास्तविक जीवन में देखने को मिलती हैं।
मार्शल मैक्लुहान ने सबसे पहले मीडिया के मीडिया के बारे में कहा कि 'मीडियम ही मैसेज है' इसके साथ-साथ मीडिया के इंफ्लूएंस थ्योरी जिसमें एजेंडा सेटिंग, यूसज व ग्राटिफिकेशन, स्पायरल ऑफ साइलेंस व कल्टीवेशन एनालिसिस जैसी बहुत सी थ्योरी हमें यह बताती हैं कि मीडिया खासतौर पर फिल्में वह नाटकों का वास्तविक जीवन में बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिलता है
-----रोशन मस्ताना
मार्शल मैक्लुहान ने सबसे पहले मीडिया के मीडिया के बारे में कहा कि 'मीडियम ही मैसेज है' इसके साथ-साथ मीडिया के इंफ्लूएंस थ्योरी जिसमें एजेंडा सेटिंग, यूसज व ग्राटिफिकेशन, स्पायरल ऑफ साइलेंस व कल्टीवेशन एनालिसिस जैसी बहुत सी थ्योरी हमें यह बताती हैं कि मीडिया खासतौर पर फिल्में वह नाटकों का वास्तविक जीवन में बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिलता है
-----रोशन मस्ताना
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